चुनाव तैयारियों के साथ बाल विवाह रोकथाम पर प्रशासन का फोकस
भरतपुर, 25 अगस्त। नगर निकाय आम चुनाव-2026 को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी कमर चौधरी की अध्यक्षता में आरओ, एआरओ, पुलिस अधिकारियों एवं आईटी टीम के साथ चुनाव तैयारियों, कानून व्यवस्था तथा निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर समीक्षा बैठक एवं प्रशिक्षण आयोजित किया गया। वहीं, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं प्रयत्न संस्था के संयुक्त तत्वावधान में बाल विवाह की रोकथाम को लेकर जिला स्तरीय क्षमतावर्धन कार्यशाला भी आयोजित की गई।
निष्पक्ष एवं भयमुक्त मतदान सर्वोच्च प्राथमिकता
जिला निर्वाचन अधिकारी कमर चौधरी ने कहा कि नगर निकाय चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और निर्वाचन प्रक्रिया में निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं स्वतंत्रता सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आरओ एवं एआरओ को राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों की अक्षरशः पालना करने तथा निर्वाचन कार्यों को समयबद्ध एवं व्यवस्थित रूप से पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने क्रिटिकल एवं संवेदनशील मतदान केंद्रों का समय रहते चिन्हीकरण कर पुलिस जाब्ता एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही मतदान केंद्रों पर बिजली, पेयजल, आवश्यक सुविधाओं एवं दिव्यांग मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था करने को कहा। सोशल मीडिया पर निर्वाचन संबंधी गतिविधियों एवं भ्रामक सूचनाओं की निगरानी के लिए आईटी टीम को प्रभावी भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए।
जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना ने बताया कि चुनाव के दौरान शांतिपूर्ण एवं भयमुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं की जा रही हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी, अवैध शराब की बिक्री एवं परिवहन पर रोक, असामाजिक तत्वों का चिन्हीकरण तथा आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों को दिया निर्वाचन प्रक्रिया का प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान नामांकन प्रक्रिया, निर्वाचन योग्यता, आरक्षण, निर्वाचन प्रतीक, नामांकन पत्रों की संवीक्षा एवं निरस्तीकरण सहित निर्वाचन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों की जानकारी दी गई। बताया गया कि प्रथम चरण में सदस्य पदों के लिए लोक सूचना 27 अगस्त को जारी होगी, नामांकन की अंतिम तिथि 31 अगस्त, संवीक्षा 1 सितंबर तथा अभ्यर्थिता वापस लेने की अंतिम तिथि 3 सितंबर होगी। 4 सितंबर को चुनाव चिन्हों का आवंटन किया जाएगा। मतदान 9 एवं 11 सितंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक तथा मतगणना 14 सितंबर को होगी।
बाल विवाह रोकथाम के लिए विभागीय समन्वय पर जोर
इसी क्रम में एडीआर भवन, जिला न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं प्रयत्न संस्था की कवच परियोजना के संयुक्त तत्वावधान में बाल विवाह की रोकथाम, जन-जागरूकता तथा नालसा की विभिन्न योजनाओं को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष बलजीत सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
उन्होंने कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति का उन्मूलन केवल कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से संभव नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग और संबंधित विभागों को समन्वित रूप से सक्रिय भूमिका निभानी होगी। कार्यशाला में बाल विवाह निषेध अधिनियम, बाल विवाह पीड़ितों के पुनर्वास तथा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की 100 दिवसीय कार्ययोजना की जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने विद्यालयों एवं ग्राम पंचायत स्तर तक जागरूकता अभियान पहुंचाने तथा बाल विवाह से संबंधित मामलों में समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। कार्यशाला के समापन पर अधिकारियों एवं प्रतिभागियों को बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई गई और बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया गया।
बैठक एवं प्रशिक्षण में प्रशासन, पुलिस, निर्वाचन प्रकोष्ठ, आईटी टीम, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, बाल संरक्षण इकाई, विधिक सेवा प्राधिकरण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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