पत्रकारों के लिए सरकार की बड़ी सहायता 456 पत्रकारों और परिवारों को मिले 19.41 करोड़ रुपये जानिए Journalist Welfare Scheme में किसे और कैसे मिल सकती है मदद

पत्रकार कल्याण योजना के तहत 456 पत्रकारों और उनके परिवारों को 19.41 करोड़ रुपये की सहायता मिली। जानिए Journalist Welfare Scheme की पात्रता, लाभ, सहायता राशि और आवेदन प्रक्रिया।

पत्रकारों के लिए सरकार की बड़ी सहायता 456 पत्रकारों और परिवारों को मिले 19.41 करोड़ रुपये जानिए Journalist Welfare Scheme में किसे और कैसे मिल सकती है मदद
पत्रकारों के लिए सरकार की बड़ी सहायता 456 पत्रकारों और परिवारों को मिले 19.41 करोड़ रुपये जानिए Journalist Welfare Scheme में किसे और कैसे मिल सकती है मदद

नई दिल्ली
पत्रकारिता को अक्सर केवल खबरों कैमरों और न्यूजरूम से जोड़कर देखा जाता है लेकिन पत्रकारों और उनके परिवारों के सामने आने वाली आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों के लिए केंद्र सरकार की Journalist Welfare Scheme यानी JWS भी मौजूद है
5 अगस्त 2026 को सामने आई जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2014 15 से 2025 26 तक Journalist Welfare Scheme के तहत 456 पत्रकारों मीडिया कर्मियों अथवा उनके परिवारों को कुल 19.41 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है
यह जानकारी केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ एल मुरुगन द्वारा लोकसभा में एक अतारांकित प्रश्न के जवाब में दिए गए विवरण पर आधारित है

क्या है Journalist Welfare Scheme
Journalist Welfare Scheme सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की एक कल्याणकारी योजना है इसका उद्देश्य अत्यधिक कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे पात्र पत्रकारों तथा उनके परिवारों को जरूरत के समय One Time Ex Gratia Financial Assistance उपलब्ध कराना है
PIB के आधिकारिक विवरण के अनुसार यह योजना वर्ष 2001 में शुरू हुई थी और समय समय पर इसके दिशानिर्देशों में संशोधन किए गए हैं
इस योजना को सामान्य वेतन पेंशन या नियमित आर्थिक सहायता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि यह मृत्यु स्थायी दिव्यांगता गंभीर बीमारी या गंभीर दुर्घटना जैसी परिस्थितियों में पात्र पत्रकार अथवा उसके परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने की व्यवस्था है

कितनी आर्थिक सहायता मिल सकती है

 मौजूदा सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार अलग अलग परिस्थितियों में सहायता की अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है
पत्रकार की मृत्यु के कारण परिवार के अत्यधिक आर्थिक संकट में आने की स्थिति में 5 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है
Permanent Disability यानी स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में पत्रकार को 5 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है
Cancer Renal Failure Heart Surgery Angioplasty Brain Haemorrhage और Paralytic Attack जैसी निर्धारित गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पात्र मामलों में 3 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है
गंभीर दुर्घटना के कारण अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में निर्धारित शर्तों के तहत 2 लाख रुपये तक सहायता उपलब्ध हो सकती है
हालांकि यह समझना आवश्यक है कि निर्धारित राशि प्रत्येक आवेदक को स्वतः नहीं मिलती आवेदन की पात्रता परिस्थितियों दस्तावेजों मामले की Merit और उपलब्ध संसाधनों को देखते हुए संबंधित सरकारी प्रक्रिया के अनुसार निर्णय लिया जाता है
क्या केवल PIB Accredited पत्रकारों को मिलता है लाभ

नहीं

यह Journalist Welfare Scheme से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण तथ्य है
सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार योजना केवल PIB Accreditation रखने वाले पत्रकारों तक सीमित नहीं है
PIB State Government या Union Territory से Accredited पत्रकार पात्रता शर्तों के अनुसार योजना के दायरे में आ सकते हैं
इसके अतिरिक्त निर्धारित पत्रकारिता कार्य में कम से कम पांच लगातार वर्षों का अनुभव रखने वाले Non Accredited Journalists भी निर्धारित शर्तों के अंतर्गत पात्र हो सकते हैं
इसमें News Editor Reporter Photographer Cameraman Photojournalist और Freelance Journalist जैसी पत्रकारिता से जुड़ी श्रेणियां निर्धारित नियमों के अनुसार शामिल हो सकती हैं
लेकिन केवल किसी Media Organisation का Press Card या ID Card होना किसी व्यक्ति को इस सरकारी योजना का स्वतः पात्र नहीं बनाता
आवेदक को अपने वास्तविक पत्रकारिता अनुभव और अन्य निर्धारित पात्रता शर्तों को आवश्यक दस्तावेजों के माध्यम से प्रमाणित करना पड़ सकता है

Non Accredited पत्रकारों के लिए क्या नियम हैं
Non Accredited Journalists के मामले में कुछ प्रकार की सहायता पर पत्रकारिता के अनुभव के आधार पर सीमा लागू हो सकती है
मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार संबंधित श्रेणियों में पांच लगातार वर्षों के पत्रकारिता अनुभव वाले Non Accredited Journalist के लिए सहायता एक लाख रुपये से शुरू होकर प्रत्येक अतिरिक्त पांच वर्षों के अनुभव के साथ एक लाख रुपये बढ़ सकती है लेकिन यह संबंधित सहायता श्रेणी की निर्धारित अधिकतम सीमा से अधिक नहीं हो सकती
इसलिए यह समझना गलत होगा कि प्रत्येक पात्र आवेदक को सीधे 5 लाख या 3 लाख रुपये की सहायता मिलती है

456 लाभार्थी और 19.41 करोड़ रुपये की सहायता
5 अगस्त 2026 को सामने आई लोकसभा संबंधी जानकारी की मीडिया रिपोर्टिंग के अनुसार वित्त वर्ष 2014 15 से 2025 26 के दौरान कुल 456 पत्रकारों मीडिया कर्मियों अथवा उनके परिवारों को Journalist Welfare Scheme के तहत 19.41 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई
Journalist Welfare Scheme के अंतर्गत सहायता दिए जाने के पुराने मामलों की पुष्टि PIB के आधिकारिक रिकॉर्ड से भी होती है
1 जुलाई 2022 को PIB ने आधिकारिक रूप से जानकारी दी थी कि केंद्र सरकार ने 35 दिवंगत पत्रकारों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी
उसी बैठक में Permanent Disability से जूझ रहे दो पत्रकारों और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पांच पत्रकारों की सहायता की भी सिफारिश की गई थी
उस बैठक में कुल 1.81 करोड़ रुपये की सहायता मंजूर की गई थी

कोविड के दौरान भी पत्रकार परिवारों को सहायता
कोविड 19 महामारी के दौरान भी Journalist Welfare Scheme के माध्यम से पत्रकारों के परिवारों को सहायता प्रदान करने के प्रयास किए गए
मई 2021 में PIB ने जानकारी दी थी कि कोविड के कारण जान गंवाने वाले पत्रकारों के पात्र परिवारों को प्रत्येक मामले में 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के लिए मामलों पर विचार और स्वीकृति की प्रक्रिया अपनाई गई थी
PIB Accredited पत्रकारों के लिए CGHS सुविधा
Journalist Welfare Scheme से अलग PIB Accredited Journalists के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी एक अन्य व्यवस्था भी मौजूद है
सरकार द्वारा दिसंबर 2025 में लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार PIB Accredited Journalists और उनके पात्र परिवार Central Government Health Scheme यानी CGHS के अंतर्गत निर्धारित स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं
यह समझना जरूरी है कि Journalist Welfare Scheme और CGHS अलग अलग व्यवस्थाएं हैं और दोनों की पात्रता तथा लाभ अलग हैं

Digital Media और बदलती पत्रकारिता
समय के साथ पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदला है
आज Print Television Radio और News Agencies के साथ Digital Media भी पत्रकारिता के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में सामने आया है
सरकार ने Journalist Welfare Scheme की समीक्षा के दौरान बदलते Media Ecosystem को भी ध्यान में रखा है
लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि केवल YouTube Channel Facebook Page Website या Social Media Account चलाने वाला प्रत्येक व्यक्ति स्वतः सरकारी नियमों के तहत Journalist या JWS Beneficiary बन जाता है
वास्तविक पात्रता लागू सरकारी दिशानिर्देशों पत्रकारिता अनुभव कार्य की प्रकृति और आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर निर्धारित होती है

Media ID State Accreditation और PIB Accreditation में अंतर समझना जरूरी
पत्रकारों विशेष रूप से नए पत्रकारों के लिए इन तीनों के बीच अंतर समझना बेहद जरूरी है
Media Organisation ID Card संबंधित समाचार संस्था अपने Reporter Employee Intern या अन्य अधिकृत व्यक्ति को अपनी संस्था की नीति के अनुसार जारी कर सकती है
State Government Accreditation संबंधित राज्य सरकार या उसके सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा निर्धारित पात्रता और नियमों के आधार पर प्रदान की जाती है
PIB Accreditation भारत सरकार के Press Information Bureau की निर्धारित प्रक्रिया और पात्रता के आधार पर दिया जाता है
इन तीनों को एक दूसरे का विकल्प या समान मानना सही नहीं है

उत्तर प्रदेश में राज्य स्तर की पत्रकार मान्यता
उत्तर प्रदेश में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग राज्य मुख्यालय और जनपद स्तर पर निर्धारित नियमों तथा प्रक्रिया के अनुसार पत्रकार मान्यता से संबंधित व्यवस्था संचालित करता है
इसलिए किसी निजी Media Organisation द्वारा जारी Press ID को उत्तर प्रदेश सरकार की पत्रकार मान्यता या PIB Accreditation के समान नहीं माना जाना चाहिए

Journalist Welfare Scheme के लिए आवेदन कैसे होता है
Press Information Bureau Journalist Welfare Scheme से संबंधित आवेदन प्रक्रिया उपलब्ध कराता है
आवेदन में आवेदक को अपनी व्यक्तिगत जानकारी पत्रकारिता अनुभव संबंधित Media Organisations में कार्य का विवरण और जिस परिस्थिति में सहायता मांगी जा रही है उससे जुड़े प्रमाण प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं
जहां लागू हो वहां Medical Documents Bills Receipts Accreditation Information Family Details और Bank Details जैसे दस्तावेज भी आवश्यक हो सकते हैं
मौजूदा व्यवस्था के अनुसार स्वीकृत सहायता Aadhaar Seeded Bank Account में Transfer की जा सकती है
आवेदन करने से पहले PIB की वर्तमान Journalist Welfare Scheme Guidelines को ध्यान से पढ़ना जरूरी है क्योंकि पात्रता और प्रक्रिया में समय समय पर बदलाव संभव हैं
पत्रकारों को कौन से दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए
पत्रकारों को अपने Professional Career से संबंधित रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से सुरक्षित रखना चाहिए
Appointment Letter
Experience Certificate
Service Certificate
Salary या Payment Records
Published News Reports
Byline Stories
Photo और Video Reports का रिकॉर्ड
Official Email और Organisation Correspondence
Accreditation Details जहां लागू हों
Professional ID Records
इन दस्तावेजों का Digital Backup भी तैयार रखना उपयोगी हो सकता है
नए पत्रकारों के लिए महत्वपूर्ण संदेश
Journalist Welfare Scheme हमें पत्रकारिता से जुड़ी एक महत्वपूर्ण वास्तविकता भी समझाती है
पत्रकारिता केवल Press Card प्राप्त करने वाहन पर PRESS लिखने या Social Media Profile पर Journalist लिखने का नाम नहीं है
एक Professional Journalist की पहचान उसके प्रशिक्षण वास्तविक Reporting लगातार किए गए कार्य प्रकाशित खबरों Fact Checking Professional Ethics और उसके Documentary Record से मजबूत होती है
नए पत्रकारों को शुरुआत से ही अपनी प्रकाशित खबरों Reports Videos Certificates और Professional Experience का व्यवस्थित Portfolio तैयार करना चाहिए

The Nation Mantra की अपील
पत्रकारिता केवल पहचान नहीं बल्कि जिम्मेदारी है
पत्रकारों और Media Professionals को सरकारी योजनाओं की सही जानकारी रखने के साथ अपने Professional Documents और Journalism Work का व्यवस्थित रिकॉर्ड भी तैयार रखना चाहिए
विशेष रूप से स्वतंत्र और स्थानीय स्तर पर काम करने वाले पत्रकारों के लिए यह आवश्यक है कि वे अपने वास्तविक पत्रकारिता कार्य का Documentary Evidence सुरक्षित रखें
The Nation Mantra पत्रकारों और Media Students तक ऐसी महत्वपूर्ण जानकारियां तथ्य आधारित और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पहुंचाने का प्रयास जारी रखेगा
Fact Check
Journalist Welfare Scheme का अस्तित्व सहायता की प्रमुख श्रेणियां और Non Accredited Journalists के लिए निर्धारित परिस्थितियों में पात्रता से संबंधित प्रावधान PIB और Ministry of Information and Broadcasting के आधिकारिक दस्तावेजों से सत्यापित हैं
वित्त वर्ष 2014 15 से 2025 26 के दौरान 456 पत्रकारों मीडिया कर्मियों अथवा उनके परिवारों को 19.41 करोड़ रुपये की सहायता दिए जाने का नवीन आंकड़ा 5 अगस्त 2026 को सामने आई लोकसभा संबंधी जानकारी की समकालीन मीडिया रिपोर्टिंग पर आधारित है
पाठकों को आवेदन या पात्रता संबंधी निर्णय लेने से पहले PIB की नवीनतम आधिकारिक Guidelines की जांच करने की सलाह दी जाती है
The Nation Mantra
Voice of Nation
Sources
Press Information Bureau Government of India
Ministry of Information and Broadcasting Government of India
Journalist Welfare Scheme Official Guidelines
Lok Sabha related Government Information dated 5 August 2026

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