सहारनपुर मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन से गरमाई सियासत, मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने की मांग की
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को प्रशासन ने कोर्ट के आदेश के बाद ध्वस्त कर दिया। प्रशासन के मुताबिक मस्जिद सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण थी। कार्रवाई के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने सरकार से ऐसे अभियान पर रोक लगाने और विवाद का समाधान दूसरे तरीके से निकालने की मांग की है।
सहारनपुर मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन से गरमाई सियासत, मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने की मांग
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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को लेकर विवाद अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। प्रशासन ने शनिवार को कोर्ट के आदेश के बाद मस्जिद को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के बाद बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने सरकार के इस कदम पर सवाल उठाते हुए ऐसे अभियान को रोकने की मांग की है।
कोर्ट के आदेश के बाद हुई कार्रवाई
प्रशासन के मुताबिक सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण माना था। इस आदेश के खिलाफ मस्जिद समिति की ओर से दायर अपील को भी जिला अदालत ने खारिज कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने पुलिस की भारी मौजूदगी के बीच ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
रिपोर्टों के अनुसार मामले में कानूनी प्रक्रिया जुलाई में शुरू हुई थी। जिला अदालत के फैसले के बाद प्रशासन ने कार्रवाई को आगे बढ़ाया।
मायावती ने उठाए सवाल
मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार से कार्रवाई रोकने की मांग की।
मायावती ने कहा कि सहारनपुर की मस्जिद समेत पूरे उत्तर प्रदेश में मस्जिदों को जल्दबाजी में अवैध बताकर ध्वस्त करने का अभियान उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से ऐसे अभियान पर तत्काल रोक लगाने और विवादों का समाधान निकालने के लिए दूसरे रास्ते अपनाने की बात कही।
मायावती ने यह भी कहा कि संवैधानिक और धर्मनिरपेक्ष सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सभी धर्मों के लोगों और उनके धार्मिक स्थलों का समान रूप से सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करे।
विपक्ष ने भी जताया विरोध
मस्जिद पर हुई कार्रवाई को लेकर अन्य विपक्षी नेताओं ने भी सवाल उठाए हैं। समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने कार्रवाई के समय और प्रक्रिया पर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोकने के लिए हाउस अरेस्ट किया गया।
कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने भी इस कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। इससे सहारनपुर मस्जिद का मामला अब स्थानीय विवाद से आगे बढ़कर प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है।
प्रशासन का क्या कहना है
प्रशासन का पक्ष है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी थी और अदालत ने इसे अनधिकृत निर्माण माना था। अधिकारियों के मुताबिक अदालत के आदेश और अपील खारिज होने के बाद कानून के तहत कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
अब आगे क्या
सहारनपुर की इस कार्रवाई ने उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों और सरकारी जमीन से जुड़े विवादों को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। एक तरफ प्रशासन अदालत के आदेश के अनुपालन की बात कह रहा है, वहीं विपक्षी दल कार्रवाई के तरीके और जल्दबाजी पर सवाल उठा रहे हैं।
अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर नजर रहेगी। फिलहाल सहारनपुर में प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी है।
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