यूपी में मानसून ने बदली चाल, अगस्त के पहले सप्ताह में फिर सक्रिय होने के आसार

उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। IMD के अनुसार प्रदेश में सामान्य से 32 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। अगस्त के पहले सप्ताह में मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना है।

यूपी में मानसून ने बदली चाल, अगस्त के पहले सप्ताह में फिर सक्रिय होने के आसार
यूपी में मानसून ने बदली चाल, अगस्त के पहले सप्ताह में फिर सक्रिय होने के आसार

यूपी में मानसून ने बदली चाल
जहाँ एक ओर जुलाई महीने की शुरुआत में उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय था, वहीं अब महीने के अंतिम दिनों तक आते-आते मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। प्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया था। कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी रही, जिससे लोगों की आवाजाही और दैनिक गतिविधियाँ भी प्रभावित हुईं। हालांकि अब बारिश की रफ्तार धीमी पड़ गई है। अधिकांश जिलों में या तो वर्षा नहीं हो रही है, और जहाँ हो भी रही है, वहाँ उसकी मात्रा इतनी कम है कि लोगों को गर्मी और उमस से राहत नहीं मिल पा रही है। इसके उलट, नमी बढ़ने से उमस ने लोगों की परेशानियाँ और बढ़ा दी हैं।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस वर्ष उत्तर प्रदेश में अब तक सामान्य से लगभग 32 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, संभल, शामली और पीलीभीत जैसे जिलों में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई है। वहीं भदोही, देवरिया, जौनपुर, संत कबीर नगर और सीतापुर में सामान्य से 50 प्रतिशत से भी कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इसका असर न केवल आम जनजीवन पर बल्कि कृषि गतिविधियों पर भी पड़ने लगा है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन के कारण मानसून की सक्रियता का केंद्र मध्य छत्तीसगढ़ और उससे सटे उत्तर ओडिशा के आंतरिक क्षेत्रों की ओर खिसक गया है। यही कारण है कि वर्तमान समय में मानसून की मुख्य गतिविधियाँ मध्य भारत में अधिक सक्रिय हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में इसकी सक्रियता कमजोर पड़ गई है। विभाग का अनुमान है कि जैसे ही यह डीप डिप्रेशन कमजोर होगा, मानसून दोबारा अपनी दिशा बदलेगा और अगस्त के पहले सप्ताह में उत्तर प्रदेश में फिर से सक्रिय हो सकता है।
यदि कानपुर की बात करें तो 30 जुलाई को शहर का तापमान लगभग 29 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। दिनभर बादलों की आवाजाही और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी देखने को मिली, लेकिन इससे लोगों को कोई विशेष राहत नहीं मिली। बढ़ती उमस के कारण गर्मी का एहसास और अधिक बढ़ गया है। वहीं पहले हुई बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की समस्या अब भी बनी हुई है, जिससे लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगस्त के पहले सप्ताह में मानसून एक बार फिर उत्तर प्रदेश, विशेषकर कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय हो सकता है। इसे देखते हुए प्रशासन भी संभावित भारी बारिश को लेकर सतर्क है। निचले इलाकों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने तथा मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। यदि अनुमान सही साबित होता है, तो आने वाले दिनों में प्रदेशवासियों को उमस और गर्मी से राहत मिलने के साथ-साथ मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ सकता है।

आपकी क्या प्रतिक्रिया है?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow