भरतपुर : डीजीपी का आह्वान—अपराध रोकथाम और जनजागरूकता में Y-CLG को बनाएं सक्रिय भागीदार
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पुलिस अधिकारियों और Y-CLG सदस्यों से संवाद कर अपराध रोकथाम, महिला सुरक्षा, नशा मुक्ति, साइबर सुरक्षा और रोड सेफ्टी में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस तक पहुंचाने और आमजन को जागरूक करने पर जोर दिया। प्रदेश में 73,184 Y-CLG सदस्य पुलिस से जुड़े हैं, जिनके कार्यों की एक माह बाद समीक्षा की जाएगी
राजीव कुमार शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दिए निर्देश, महिला सुरक्षा, नशा रोकथाम और साइबर सुरक्षा पर विशेष फोकस; प्रदेश में 73,184 Y-CLG सदस्य पुलिस से जुड़े
भरतपुर। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के पुलिस अधिकारियों और पुलिस से जुड़े यूथ-सीएलजी (Y-CLG) सदस्यों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने अपराधों की रोकथाम और आमजन में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए Y-CLG सदस्यों को पुलिस के साथ सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
डीजीपी ने कहा कि राजस्थान को देश का सबसे सुरक्षित राज्य बनाने के लक्ष्य में यूथ-सीएलजी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। Y-CLG पुलिस और आमजन के बीच एक प्रभावी कड़ी के रूप में कार्य करते हुए स्थानीय स्तर पर अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा और जागरूकता अभियान को मजबूत कर सकता है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस लता मनोज कुमार और उपमहानिरीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप भी मौजूद रहे। डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि Y-CLG सदस्यों के साथ निरंतर संवाद और समन्वय बनाए रखा जाए तथा उन्हें अपराध रोकथाम एवं जनसुरक्षा से जुड़े कार्यों में सक्रिय रूप से जोड़ा जाए।
अपराध की आशंका वाली गतिविधियों की सूचना पुलिस तक पहुंचाएं
डीजीपी शर्मा ने Y-CLG सदस्यों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में होने वाली संदिग्ध अथवा अपराध की आशंका वाली गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाएं। साथ ही स्थानीय स्तर पर अपराध नियंत्रण को लेकर अपने सुझाव भी पुलिस अधिकारियों के साथ साझा करें। इससे पुलिस को अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने और समय रहते कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
महिला और बालिका सुरक्षा पर विशेष जोर
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में महिला एवं बालिकाओं की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई। डीजीपी ने कहा कि सुरक्षित वातावरण तैयार करने में Y-CLG सदस्य महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। युवाओं और समुदाय के बीच जागरूकता बढ़ाकर महिलाओं एवं बालिकाओं के प्रति सकारात्मक और सुरक्षित माहौल बनाने में पुलिस का सहयोग किया जा सकता है।
युवाओं में बढ़ते नशे के प्रभाव को रोकने का आह्वान
डीजीपी ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए Y-CLG सदस्यों से नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ नशे के अवैध कारोबार की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने में भी Y-CLG प्रभावी भूमिका निभा सकता है।
साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी
साइबर अपराधों और ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव के लिए भी जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। डीजीपी ने कहा कि Y-CLG सदस्य आमजन को साइबर ठगी से बचने के उपायों की जानकारी देकर पुलिस के साइबर सुरक्षा प्रयासों को मजबूत कर सकते हैं। लोगों को संदिग्ध लिंक, फर्जी कॉल, OTP और ऑनलाइन ठगी के तरीकों के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है।
पुलिस की उपयोगी सूचनाएं आमजन तक पहुंचाने में निभाएंगे भूमिका
पुलिस द्वारा जारी की जाने वाली जनहितकारी एवं उपयोगी सूचनाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में भी Y-CLG सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। इसके माध्यम से आमजन तक सही और उपयोगी जानकारी तेजी से पहुंचाई जा सकेगी। साथ ही भ्रामक या हानिकारक सूचनाओं की सत्यता को लेकर भी लोगों को जागरूक किया जा सकेगा।
एक माह बाद होगी कार्यों की समीक्षा
अतिरिक्त महानिदेशक सामुदायिक पुलिसिंग ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 73,184 Y-CLG सदस्य पुलिस से जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि Y-CLG के सहयोग से किए जा रहे कार्यों और उनके योगदान की प्रभावशीलता की एक माह बाद समीक्षा की जाएगी।
अंत में महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि पुलिस और Y-CLG की संयुक्त एवं सक्रिय भागीदारी से प्रदेश में अपराध नियंत्रण, जनजागरूकता और जनसुरक्षा के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी तथा सुरक्षित राजस्थान के संकल्प को साकार करने में मदद मिलेगी।
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