Swatantra Bhardwaj Detained: वायरल वीडियो विवाद के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में, जंतर-मंतर मारपीट मामले में पुलिस कार्रवाई तेज

जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार से कथित मारपीट के मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया है। वायरल पॉडकास्ट के बाद मामला फिर सुर्खियों में आया था।

Swatantra Bhardwaj Detained: वायरल वीडियो विवाद के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में, जंतर-मंतर मारपीट मामले में पुलिस कार्रवाई तेज

वायरल पॉडकास्ट के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में, जंतर-मंतर मारपीट मामले में पुलिस कार्रवाई तेज

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित मारपीट का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक पॉडकास्ट के बाद शुरू हुए विवाद के बीच दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है।

यह मामला जून 2026 में जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के सिर में चोट लगी थी। मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में आरोपी के तौर पर दर्ज हैं।

वायरल पॉडकास्ट ने फिर बढ़ाया विवाद

मामला उस समय दोबारा चर्चा में आया जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक, वीडियो में उन्होंने संजय कुमार पर कड़े से हमला करने और उनके सिर को गंभीर रूप से घायल करने का दावा किया।

वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी नेताओं और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी।

हालांकि, बाद में भारद्वाज ने वायरल क्लिप को फर्जी बताया और कहा कि उनके बयान को संदर्भ से अलग करके पेश किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि घटना में उन्होंने आत्मरक्षा में कार्रवाई की थी।

पुलिस ने 'खोपड़ी टूटने' के दावे को बताया गलत

इस मामले में एक महत्वपूर्ण बात दिल्ली पुलिस का आधिकारिक पक्ष है। पुलिस ने कहा है कि संजय कुमार के सिर में कड़े से चोट लगी थी, लेकिन मेडिकल जांच में चोट को simple in nature बताया गया था।

पुलिस ने सोशल मीडिया पर चल रहे खोपड़ी टूटने के दावे को मेडिकल रिपोर्ट के अनुरूप नहीं बताया है। इसलिए इस मामले में "खोपड़ी टूटने" की बात को स्थापित तथ्य के बजाय संबंधित व्यक्ति के कथित बयान और विवादित दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

FIR में पहले से दर्ज हैं आरोपी

दिल्ली पुलिस के अनुसार, संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में संजय कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। FIR में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार को आरोपी बनाया गया था।

पुलिस के अनुसार, दोनों को घटना के समय हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी और उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत नोटिस भी दिए गए थे। पुलिस ने कहा था कि जांच के बाद अदालत में chargesheet दाखिल की जाएगी।

72 घंटे में गिरफ्तारी का आश्वासन

विवाद बढ़ने के बाद CJP से जुड़े लोगों और समर्थकों ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। प्रतिनिधिमंडल ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।

रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल को स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के संबंध में 72 घंटे के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। साथ ही मामले में गंभीर धाराओं और SC/ST Act के प्रावधानों पर भी विचार किए जाने की बात सामने आई।

बुलंदशहर से हिरासत में लिए गए भारद्वाज

इसके बाद शुक्रवार को पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें बुलंदशहर के एक इलाके से पकड़ा गया। इस कार्रवाई के साथ जंतर-मंतर मारपीट मामले की जांच में पुलिस की गतिविधियां तेज हो गई हैं।

राजनीतिक विवाद भी हुआ तेज

इस पूरे मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। विपक्षी नेताओं ने वायरल वीडियो और पुलिस की शुरुआती कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।

विवाद के बीच राजनीतिक प्रभाव या किसी नेता के फोन के कारण कार्रवाई प्रभावित होने जैसे दावे भी सामने आए हैं। हालांकि, ऐसे दावों को संबंधित पक्षों के बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए और इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।

अब आगे क्या होगा?

स्वतंत्र भारद्वाज की हिरासत के बाद अब जांच में उनके बयान, वायरल पॉडकास्ट, घटनास्थल से जुड़े सबूत और मेडिकल रिकॉर्ड महत्वपूर्ण हो सकते हैं। पुलिस की आगे की कार्रवाई और अदालत में पेश किए जाने वाले आरोपों से मामले की अगली दिशा स्पष्ट होगी।

फिलहाल इतना स्पष्ट है कि जंतर-मंतर की पुरानी घटना वायरल वीडियो के बाद एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गई है और पुलिस ने मामले में स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

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