दार्जिलिंग की पहाड़ियों में फिर झमाझम बारिश, बढ़ी ठंड, चुनौतियां शुरू
दार्जिलिंग की पहाड़ियों में सितंबर के अंतिम सप्ताह में फिर लगातार बारिश शुरू हो गई है। दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, मिरिक और कर्सियांग में बारिश के साथ ठंड बढ़ी है। तीस्ता बाजार और NH-10 समेत पहाड़ी सड़कों पर बारिश और भूस्खलन का असर देखा जा रहा है। 25 और 26 सितंबर को भारी बारिश के अलर्ट के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में सावधानी जरूरी है।
दार्जिलिंग/कालिम्पोंग:
सितंबर के शुरू में लगातार बारिश के बाद अब महीने के अंतिम सप्ताह में एक बार फिर दार्जिलिंग पहाड़ का मौसम बदल गया है। 24 सितंबर को दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, मिरिक और कर्सियांग समेत पहाड़ी इलाकों में बारिश का दौर बना रहा। बारिश के साथ तापमान में गिरावट और वातावरण में नमी बढ़ने से ठंड भी बढ़ने लगी है। लगातार बारिश के बीच अब पहाड़ी सड़कों, भूस्खलन संभावित इलाकों और सड़क संपर्क को लेकर भी सावधानी बढ़ गई है।
मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, 23 सितंबर सुबह 8:30 बजे से 24 सितंबर सुबह 8:30 बजे के बीच दार्जिलिंग में 55 मिलीमीटर और कालिम्पोंग में 42 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस दौरान दार्जिलिंग का न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस और कालिम्पोंग का 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
हालांकि, ये आंकड़े 24 सितंबर की पूरी दिनभर की बारिश को नहीं दर्शाते, क्योंकि सुबह 8:30 बजे के बाद भी बारिश का दौर जारी रहा।
पूर्वानुमान के बीच दार्जिलिंग में हुई बारिश
दार्जिलिंग में 24 सितंबर को बारिश केवल पूर्वानुमान तक सीमित नहीं रही। दिन के दौरान बारिश दर्ज की गई और शाम तथा रात में भी बौछारों का दौर जारी रहने का अनुमान था।
मौसम अपडेट में दोपहर के समय भी दार्जिलिंग में बारिश दर्ज की गई। इसके बाद शाम और रात में भी बारिश की संभावना बनी रही।
IMD ने 24 सितंबर को दार्जिलिंग में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज, बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की चेतावनी दी थी।
कालिम्पोंग में 42 मिमी बारिश, मौसम अभी भी सक्रिय
कालिम्पोंग में भी बारिश का दौर बना रहा। 24 सितंबर की सुबह तक पिछले 24 घंटों में यहां 42 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके साथ ही मौसम विभाग ने बारिश, गरज, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की थी।
बारिश और बादलों के बीच कालिम्पोंग में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है। 25 सितंबर को भी पहाड़ी क्षेत्र में भारी बारिश की स्थिति को लेकर विशेष सतर्कता की जरूरत है।
मिरिक में भी बारिश, दिनभर छाया रहा बादल
24 सितंबर को दार्जिलिंग जिले के खूबसूरत पहाड़ी इलाके में सुबह से ही मानसून का कड़ा रुख देखने को मिला। पूरे दिन आसमान में घने बादल छाए रहे और रुक-रुक कर भारी बौछारें पड़ती रहीं। मौसम के ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि रात होने के साथ-साथ मिरिक और उसके आसपास के इलाकों में बारिश की रफ्तार और ज्यादा हो सकती है।
कर्सियांग में भी बारिश का असर
24 सितंबर को दार्जिलिंग जिले के कर्सियांग क्षेत्र में भी मानसून का असर साफ तौर पर देखा गया। सुबह से ही बिगड़े मौसम के कारण सामान्य जनजीवन और यातायात प्रभावित हुआ।
यहां सुबह के समय गरज-चमक के साथ बौछारें देखी गईं, जो शाम और रात के समय भी रुक-रुक कर जारी रहीं।
कर्सियांग के लिए मौसम विभाग ने भारी बारिश के साथ बिजली कड़कने और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।
पहाड़ी क्षेत्रों में वर्तमान में बारिश जारी
मौसम विभाग ने 25 सितंबर को भी दार्जिलिंग और कालिम्पोंग समेत मिरिक-कर्सियांग में बारिश का दौर जारी रहने की बड़ी संभावना जताई थी और यह सच हुआ। दार्जिलिंग पहाड़ियों में लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग के सबसे नए आंकड़ों के अनुसार, पूरे पहाड़ी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना हुआ है।
दार्जिलिंग में इस समय रुक-रुक कर बारिश और बौछारें गिर रही हैं। आसमान पूरी तरह से घने बादलों से ढका हुआ है।
कालिम्पोंग में इस समय रुक-रुक कर बारिश हो रही है और घना कोहरा छाया हुआ है।
मिरिक में हल्की बारिश हो रही है और आसमान में घने मॉनसूनी बादल छाए हुए हैं।
कर्सियांग में भी लगातार हल्की से मध्यम बारिश हो रही है और आसमान में घने बादल छाए हुए हैं।
इस तरह लगातार हो रही बारिश का सीधा असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। लगातार हो रही इस बारिश ने पूरे पहाड़ में ठंड बढ़ा दी है।
दार्जिलिंग और तीस्ता बाजार का हाल
दार्जिलिंग जिले और तीस्ता बाजार क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। तीस्ता बाजार वर्तमान में बारिश से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक है।
सिक्किम और आसपास की पहाड़ियों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण तीस्ता नदी का पानी अपने किनारों को तोड़कर मुख्य सड़क तक पहुंच गया है। घूम और जोरबंगलो (3rd Mile और 6th Mile के बीच) पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन हुआ है। इस वजह से दार्जिलिंग से तीस्ता बाजार होते हुए कालिम्पोंग जाने वाला मार्ग सुबह से ही बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मलबा हटाने का काम शुरू किया गया है। अन्य जगहों से भी मलबा गिरने और छोटे-मोटे भूस्खलन की खबर आ रही है।
NH-10 और अन्य पहाड़ी सड़कों पर विशेष निगरानी
दार्जिलिंग पहाड़ में NH-10 सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है। लगातार बारिश के बीच पहाड़ को सिलीगुड़ी और सिक्किम से जोड़ने वाले इस राष्ट्रीय राजमार्ग-10 (NH-10) पर विशेष निगरानी जरूरी हो जाती है। तेज बारिश के दौरान यहां के संवेदनशील हिस्सों में पत्थर गिरने, मलबा आने और भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है।
कालिम्पोंग से सिलीगुड़ी और सिक्किम की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए सड़क की ताजा स्थिति जानना महत्वपूर्ण होगा। भारी बारिश की चेतावनी के बीच पहाड़ी मार्गों पर सावधानी से यात्रा करना और स्थानीय प्रशासन की सूचनाओं पर ध्यान देना जरूरी है।
मिरिक-कर्सियांग के संपर्क मार्ग भी संवेदनशील
मिरिक और कर्सियांग को दार्जिलिंग तथा सिलीगुड़ी से जोड़ने वाले मार्गों पर भी लगातार बारिश के दौरान सावधानी की जरूरत होती है। रोहिणी, पंखाबाड़ी और अन्य पहाड़ी रास्तों पर बारिश बढ़ने की स्थिति में पत्थर या मलबा आने से यातायात प्रभावित हो सकता है।
ग्रामीण इलाकों में छोटे संपर्क मार्ग और पैदल रास्ते भी लगातार बारिश से प्रभावित हो सकते हैं। इसका असर रोजमर्रा की आवाजाही, स्कूल जाने वाले बच्चों और जरूरी सेवाओं पर पड़ सकता है।
26 सितंबर को भी बारिश का अलर्ट
पहले 26 सितंबर को बारिश में कमी आने की संभावना बताई गई थी, लेकिन मौसम विभाग के 25 सितंबर के नए अपडेट में तस्वीर थोड़ी बदली है। अब 26 सितंबर को भी दार्जिलिंग और कालिम्पोंग पहाड़ों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का भी अनुमान है। कई छोटे-बड़े भूस्खलन और तीस्ता नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए 26 तारीख को भी नए भूस्खलन का जोखिम बना हुआ है।
इसके बाद 27 सितंबर से कोई चेतावनी नहीं दी गई है।
अगले दो दिन पहाड़ के लिए महत्वपूर्ण
दार्जिलिंग पहाड़ में सितंबर के अंतिम दिनों में एक बार फिर बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। दार्जिलिंग और कालिम्पोंग में अच्छी बारिश दर्ज होने के साथ मिरिक और कर्सियांग में भी बारिश का दौर बना हुआ है। इसके कारण ठंड का एहसास बढ़ रहा है और पहाड़ी इलाकों में सावधानी भी जरूरी हो गई है।
25 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 26 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए आने वाले दो दिन पहाड़ के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। लगातार बारिश के दौरान पत्थर गिरने, मलबा आने और सड़क पर पानी बहने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
खासकर NH-10 समेत अन्य प्रमुख पहाड़ी मार्गों और संवेदनशील ढलानों पर नजर रखना जरूरी होगा। ग्रामीण इलाकों में छोटे संपर्क मार्ग भी बारिश से प्रभावित होने की खबरें आ रही हैं। ऐसे में मौसम विभाग तथा स्थानीय प्रशासन की ताजा सूचनाओं पर ध्यान देना जरूरी है।
फिलहाल पहाड़ में बारिश का दौर जारी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि 25 और 26 सितंबर की बारिश कितनी तेज रहती है और इसका असर पहाड़ी सड़कों तथा सामान्य जनजीवन पर कितना पड़ता है।
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