उत्तरकन्या से योजनाओं की बौछार कर मुख्यमंत्री लौटे कोलकाता; कई बड़े ऐलान, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार पर जोर

8 सितम्बर को उत्तरकन्या से हुई वर्चुअल बैठक में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पहाड़ों के साथ-साथ उत्तर बंगाल के अन्य क्षेत्रों के लिए भी कई घोषणाएं कीं। घोषणाओं में स्वास्थ्य, आवास, रोजगार, आपदा प्रबंधन, चाय उद्योग और सामाजिक सुरक्षा पर खास जोर दिखाई दिया। कालिम्पोंग में नए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, 8,325 घरों के निर्माण, 1,000 पुलिस कर्मियों की भर्ती और चाय श्रमिकों के लिए 20 प्रतिशत पूजा बोनस जैसी घोषणाएं शामिल हैं।

उत्तरकन्या से योजनाओं की बौछार कर मुख्यमंत्री लौटे कोलकाता; कई बड़े ऐलान, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार पर जोर

सिलीगुड़ी/कालिम्पोंग:


मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का कालिम्पोंग दौरा पहाड़वासियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण था। परंतु, प्रतिकूल मौसम के चलते पहाड़ की स्थिति का जायजा लेने और प्रशासनिक बैठक करने की उनकी योजना रद्द करनी पड़ी। इसके बाद 8 सितम्बर को उत्तरकन्या से वर्चुअल बैठक की गई, जिसमें उन्होंने पहाड़ों के साथ-साथ उत्तर बंगाल के अन्य क्षेत्रों के लिए भी कई घोषणाएं कीं। घोषणाओं में स्वास्थ्य, आवास, रोजगार, आपदा प्रबंधन, चाय उद्योग और सामाजिक सुरक्षा पर खास जोर दिखाई दिया।

कुछ प्रमुख घोषणाएं:

पहाड़ों के लिए 254 करोड़ का आपदा प्रबंधन पैकेज

हाल की प्राकृतिक आपदाओं के बाद पहाड़ी जिलों में बाढ़ और भूस्खलन की रोकथाम के लिए गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (GTA) को विशेष रूप से 254 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इस राशि का इस्तेमाल आपदा से बचाव, राहत और पुनर्वास संबंधी कार्यों में किया जाना है।

नया मेडिकल कॉलेज और अस्पताल

स्वास्थ्य क्षेत्र में कालिम्पोंग, दार्जिलिंग, कुर्सियांग और मिरिक की स्थिति अन्य क्षेत्रों की तुलना में कमजोर है। छोटी-छोटी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भी लोगों को बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। इसलिए पहाड़ों के लिए कालिम्पोंग में नया मेडिकल कॉलेज और अस्पताल स्थापित करने की घोषणा हुई है। आवश्यक वित्तीय प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं और मुख्यमंत्री के अगले दौरे में आधारशिला रखे जाने की बात कही गई।

सामाजिक कल्याण और आवास निर्माण

पीएम आवास योजना के तहत कालिम्पोंग क्षेत्र में बेघर परिवारों के लिए 8,325 घरों का निर्माण अगले छह महीनों में पूरा करने की घोषणा की गई।

वहीं, कालिम्पोंग की 15,000 महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना के तहत हर महीने 3,000 रुपये की सहायता मिलने की जानकारी दी गई।

विधवा और वरिष्ठ नागरिक पेंशन बढ़ाने तथा प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का लाभ अधिक लोगों तक पहुंचाने संबंधी घोषणाएं भी सामने आईं।

युवाओं को रोजगार

पहाड़ों में रोजगार का मुद्दा पुराना है। नई सरकार से युवाओं को बहुत उम्मीदें हैं।

सरकार ने 1,000 पुलिस कर्मियों की भर्ती का प्रस्ताव रखा, जिसमें 300 पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। शिक्षा और रोजगार को पहाड़ी युवाओं के लिए प्राथमिकता देने की बात भी सामने आई।

चाय उद्योग को घोषणाओं में जगह मिली

बैठक में चाय श्रमिकों और चाय बागानों को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा हुई।

दार्जिलिंग हिल्स से लेकर डुआर्स और तराई तक के चाय श्रमिकों के लिए इस वर्ष 20 प्रतिशत पूजा बोनस की घोषणा की गई। साथ ही बंद पड़े कई बागानों को फिर से खोलने और चाय बागानों के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 320 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

GTA के जरिए पहाड़ के विकास पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (GTA) के बजट में बढ़ोतरी की। दार्जिलिंग हिल्स के विकास कार्य के लिए बजट को 180 करोड़ से बढ़ाकर 360 करोड़ रुपये, यानी दोगुना किए जाने की घोषणा सामने आई। GTA में नए प्रशासक की नियुक्ति के बाद विकास कार्यों को गति देने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थायी राजनीतिक समाधान होने तक पहाड़ में विकास कार्य प्रशासन के माध्यम से आगे बढ़ाए जाएंगे।

ग्रामीण रोजगार के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिनों के रोजगार पर भी जोर दिया गया।

उत्तरकन्या को मजबूत बनाना

उत्तरकन्या (सिलीगुड़ी स्थित मिनी सचिवालय) को और अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने को लेकर भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने इसके लिए मुख्य सचिव को उत्तरकन्या का व्यापक पुनर्गठन करने का निर्देश दिया है। इसका मूल उद्देश्य स्थानीय स्तर पर ही बड़े फैसले लिए जा सकें और लोगों को छोटे प्रशासनिक कामों के लिए कोलकाता न जाना पड़े।

लोगों को बदलाव का इंतजार

मुख्यमंत्री के कालिम्पोंग दौरे को लेकर यहां की जनता बेहद उत्साहित थी। लोगों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री आएंगे और कुछ ऐसी योजनाओं का ऐलान करेंगे, जिनसे पहाड़ की जनता की समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके। बारिश की वजह से उनका कालिम्पोंग दौरा तो रद्द हो गया, पर सिलीगुड़ी के उत्तरकन्या से हुई वर्चुअल बैठक में पहाड़ से लेकर तराई-डूआर्स तक विकास और जन कल्याण से जुड़ी कई घोषणाएं हुईं। इससे लोगों में उम्मीद जरूर बढ़ी है।

अपनी घोषणाओं में सरकार ने स्वास्थ्य, आवास, रोजगार, चाय उद्योग और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दों को विशेष प्राथमिकता देने का संकेत दिया है। अब चुनौती इन योजनाओं को समय पर लागू करने की है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कितने परिवारों को घर मिलता है, कितने लोगों को रोजगार मिलता है, स्वास्थ्य सुविधाएं कितनी बेहतर होती हैं और आपदा से बचाव की व्यवस्था कितनी मजबूत होती है। जनता इन्हीं बुनियादी सेवाओं में विकास और बदलाव देखना चाहती है।

आखिरकार, किसी भी घोषणा की सफलता जमीन पर दिखाई देने वाले बदलाव से तय होती है। अब लोगों को उसी बदलाव का इंतजार है।

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