भरतपुर में ACB का बड़ा एक्शन: 15 हजार की रिश्वत लेते ASI ट्रैप, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

भरतपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अटल बंद थाना पुलिस के ASI गोविंद मीणा को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते ट्रैप किया है। शिकायत के सत्यापन के बाद ACB की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई ACB ASP अमित सिंह के नेतृत्व में की गई। मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।

भरतपुर में ACB का बड़ा एक्शन: 15 हजार की रिश्वत लेते ASI ट्रैप, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

भरतपुर। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी ACB ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। अटल बंद थाना पुलिस से जुड़े एक मामले में ACB की टीम ने ASI गोविंद मीणा को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया है। कार्रवाई की खबर सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति बन गई।

जानकारी के अनुसार, ACB को एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें पुलिस अधिकारी पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था। शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार शिकायत का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान शिकायत में लगाए गए रिश्वत मांगने के आरोपों की पुष्टि होने के बाद ACB की टीम ने ट्रैप कार्रवाई की योजना तैयार की।

इसके बाद ACB की टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए अटल बंद थाना के ASI गोविंद मीणा को 15 हजार रुपये की रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि यह रकम रिश्वत की पहली किश्त के रूप में ली जा रही थी। कार्रवाई के दौरान ACB टीम ने रिश्वत की रकम को बरामद किया और आरोपी ASI को अपने कब्जे में लिया।

इस पूरी कार्रवाई को ACB ASP अमित सिंह के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। ACB की कार्रवाई के बाद अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों की ओर से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रिश्वत की मांग किस काम के बदले की गई थी और इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।

रिश्वत के खिलाफ ACB की कार्रवाई से फिर उठा बड़ा सवाल

सरकारी व्यवस्था में आम आदमी अपने काम को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के पास पहुंचता है। ऐसे में अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी पर काम के बदले रिश्वत मांगने का आरोप सामने आता है और ACB की ट्रैप कार्रवाई में रिश्वत की रकम लेते हुए गिरफ्तारी होती है, तो यह पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

ACB का उद्देश्य सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना और रिश्वतखोरी के मामलों में कार्रवाई करना है। ऐसे मामलों में शिकायतकर्ता की शिकायत का सत्यापन करने के बाद ट्रैप कार्रवाई की जाती है। अटल बंद थाने के इस मामले में भी शिकायत के सत्यापन के बाद कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। 

क्या था पूरा मामला?

फिलहाल सामने आई जानकारी के मुताबिक, मामले की शुरुआत रिश्वत मांगने की शिकायत से हुई। शिकायत मिलने के बाद ACB ने पहले उसका सत्यापन किया और इसके बाद टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। जैसे ही कथित तौर पर रिश्वत की रकम ली गई, ACB टीम ने कार्रवाई करते हुए ASI गोविंद मीणा को पकड़ लिया।15 हजार रुपये की रिश्वत की रकम इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है। हालांकि रिश्वत किस काम को करवाने के एवज में मांगी गई थी, इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

ACB की इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में भी चर्चा तेज हो गई है। एक पुलिसकर्मी के खिलाफ रिश्वत लेने के आरोप में ट्रैप कार्रवाई होने से विभागीय स्तर पर भी मामले को गंभीरता से देखा जा रहा है।

फिलहाल ACB की जांच आगे बढ़ रही है। जांच के दौरान रिश्वत मांगने की पूरी परिस्थितियों, रकम के लेन-देन और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को खंगाला जाएगा। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।

हालांकि, यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ट्रैप में पकड़े जाने के बाद भी मामले में अंतिम दोषसिद्धि न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही तय होती है। फिलहाल ACB की कार्रवाई और जांच के आधार पर ASI गोविंद मीणा के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

“भरतपुर में ACB की इस कार्रवाई ने एक बार फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम को चर्चा में ला दिया है। सवाल अब यह है कि आखिर सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने की प्रवृत्ति पर पूरी तरह लगाम कब लगेगी? फिलहाल अटल बंद थाना ASI गोविंद मीणा के खिलाफ ACB की कार्रवाई जारी है और जांच के बाद ही इस पूरे मामले की तस्वीर और साफ होगी।”

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